कवि, लेखक एवं साहित्यकार को राजस्थान में मिला ‘डॉ. आंबेडकर कीर्ति सम्मान 2026’

कवि, लेखक एवं साहित्यकार को राजस्थान में मिला ‘डॉ. आंबेडकर कीर्ति सम्मान 2026’
बिलासपुर। सामाजिक समरसता, साहित्यिक चेतना एवं मानवीय मूल्यों के सुदृढ़ संवाहक के रूप में प्रतिष्ठित युवा साहित्यकार उमेश कुमार श्रीवास को राजस्थान के नागौर जिले में आयोजित भव्य राष्ट्रीय समारोह में ‘डॉ. आंबेडकर कीर्ति सम्मान 2026’ से अलंकृत किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान, समाजोन्मुख चिंतन तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए प्रदान किया गया।

यह गरिमामयी आयोजन अखिल भारतीय कबीर मठ सदगुरु कबीर आश्रम संस्थान, बड़ी खाटू रोहिणी (नागौर) के तत्वावधान में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर 14 अप्रैल 2026 को संपन्न हुआ। समारोह में नागौर विधायक हरेन्द्र मिर्धा, पूर्व राज्य मंत्री मंजू मेघवाल, पद्मश्री से सम्मानित पर्यावरणविद् हेमता राम भामू, राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पीठाधीश्वर महंत भारत भूषण डॉ. नानक दास जी महाराज तथा रोहिणी सरपंच महेश शर्मा ने संयुक्त रूप से श्री श्रीवास को सम्मानित किया।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से संबंध रखने वाले उमेश कुमार श्रीवास वर्तमान में मस्तूरी जनपद अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) की शाखा में डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ वे साहित्य साधना में भी सक्रिय रहते हुए समाज की संवेदनाओं, संघर्षों एवं यथार्थ को अपनी लेखनी से सशक्त अभिव्यक्ति दे रहे हैं। उनकी रचनाओं में सामाजिक चेतना, मानवीय करुणा तथा नैतिक मूल्यों का सजीव समावेश है।
श्रीवास न केवल एक समर्थ कवि एवं लेखक हैं, बल्कि प्रेरक व्यक्तित्व भी हैं, जिन्होंने साहित्य के माध्यम से जनमानस को जागरूक करने का उल्लेखनीय कार्य किया है। उनकी लेखनी में लोकजीवन की सहजता, समकालीन परिस्थितियों का सूक्ष्म विश्लेषण तथा सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश निहित रहता है।
इस प्रतिष्ठित सम्मान की प्राप्ति पर साहित्यिक जगत एवं उनके शुभचिंतकों में हर्ष का वातावरण है। विभिन्न साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा सहयोगियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। यह सम्मान न केवल उमेश कुमार श्रीवास की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भी गौरव का विषय है।
निस्संदेह, ‘डॉ. आंबेडकर कीर्ति सम्मान 2026’ से अलंकृत होकर उमेश कुमार श्रीवास ने सिद्ध किया है कि समर्पण, साधना एवं सतत प्रयास से किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है।