पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत की बाउंड्री वालों के किनारे लाइन से पौधारोपण

पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत की बाउंड्री वालों के किनारे लाइन से पौधारोपण
सुशासन शिविर बना महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन एवं जनकल्याणकारी सेवाओं का प्रभावी मंच

महिला स्व-सहायता समूहों को 15 लाख रुपये का बैंक ऋण वितरण, स्वावलंबन की दिशा में सशक्त कदम
बिलासपुर। सुशासन तिहार 5.6. 2026 के अंतर्गत ग्राम पंचायत केवटाडीह टांगर में आयोजित सुशासन शिविर जनसेवा, महिला सशक्तिकरण तथा ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रेरणादायी केन्द्र बनकर उभरा। शिविर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु बैंक ऋण वितरण एवं समूहों द्वारा स्वरोजगार आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुल 15 लाख रु का बैंक ऋण वितरित किया गया। इस अवसर पर मां चंदेलिन महिला स्व-सहायता समूह, केवटाडीह टांगर को भारतीय स्टेट बैंक, पचपेड़ी शाखा के माध्यम से 6 लाख रुपये, क्रांति स्व-सहायता समूह को 3 लाख रु, खुशी महिला स्व-सहायता समूह को 3 लाख रुपये तथा रोशनी महिला स्व-सहायता समूह को 3 लाख रु का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया।

ऋण वितरण से समूहों की आर्थिक गतिविधियों को विस्तार मिलेगा तथा ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।
शिविर में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा स्थापित आजीविका स्टॉल विशेष आकर्षण का केन्द्र रहे। ग्राम गोड़ाडीह के स्व-सहायता समूह द्वारा लस्सी विक्रय का स्टॉल लगाया गया, जिसमें लगभग 700 रु की लागत पर 1000 रु का लाभ अर्जित किया गया। इसी प्रकार ज्योति महिला स्व-सहायता समूह, सुलौनी द्वारा अचार, बड़ी, पापड़ एवं मिठाई जैसे घरेलू उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया, जिसमें 690 रु की लागत पर 1200 रु का लाभ प्राप्त हुआ।

पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत की बाउंड्री वालों के किनारे लाइन से पौधारोपण भी किया गया जिसमें शिविर को पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया

इन सफल प्रयासों ने ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता, प्रबंधन क्षमता तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
सुशासन शिविर में ग्रामीण नागरिकों की समस्याओं एवं मांगों के निराकरण हेतु विभिन्न विभागों द्वारा शिविर लगाकर आवेदन प्राप्त किए गए। शिविर में कुल 722 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 705 मांग संबंधी आवेदन तथा 17 शिकायतें शामिल थीं। प्राप्त आवेदनों में से 395 मांग संबंधी आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर आमजन को त्वरित राहत प्रदान की गई। शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया भी विभागीय स्तर पर प्रारंभ कर दी गई है। शिविर के माध्यम से शासन और जनता के मध्य संवाद, विश्वास तथा जवाबदेही की भावना को सुदृढ़ करने का सफल प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प को दोहराया। वक्ताओं ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि समस्याओं का समयबद्ध समाधान कर नागरिकों को सुगम एवं पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध कराना है। महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक प्रगति ग्रामीण विकास का आधार है और उनके सशक्तिकरण से ही समृद्ध एवं आत्मनिर्भर ग्रामों का निर्माण संभव है।

शिविर में अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री चंद्रप्रकाश सूर्या, भाजपा मल्हार मंडल अध्यक्ष रंजीत सिंह, पूर्व विधायक प्रतिनिधि द्वारिका टंडन, मस्तूरी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत केवटाडीह टांगर के सरपंच भोलाराम साहू, जनपद सभापति प्रतिनिधि सरिता नरेंद्र नायक, जनपद सदस्य प्रतिनिधि महेश्वर कुर्रे, जनपद सदस्य राकेश शर्मा, एवं प्रशासनिक अधिकारी मस्तूरी के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शिवकुमार कंवर, जनपद पंचायत मस्तूरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.आर. भगत, विकासखंड शिक्षा अधिकारी शिवराम टंडन, एसडीओ अमित बंजारे, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी मिलिंद्र द्विवेदी, विकासखंड परियोजना प्रबंधक (बिहान) स्वर्णलता लकड़ा, कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) रुचि विश्वकर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार अंतर्गत आयोजित यह शिविर प्रशासन की जनोन्मुखी कार्यशैली, त्वरित सेवा वितरण तथा महिला सशक्तिकरण के प्रति शासन की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण सिद्ध हुआ। बैंक ऋण वितरण, आजीविका गतिविधियों के प्रोत्साहन तथा जनसमस्याओं के निराकरण के माध्यम से यह आयोजन ग्रामीण विकास, आर्थिक उन्नयन एवं सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल बनकर सामने आया।