
सरस्वती साइकिल योजना साइकिल मिली तो खिल उठे चेहरे, बेटियों ने कहा “अब स्कूल दूर नहीं”
निःशुल्क साइकिल वितरण से ग्रामीण छात्राओं की शिक्षा को मिले नए पंख, अभिभावकों ने योजना को बताया “वरदान”
मस्तूरी। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी “सरस्वती साइकिल योजना” ने ग्राम बूढ़ीखार की बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है। गुरुवार को यहां आयोजित निःशुल्क साइकिल वितरण समारोह में जैसे ही छात्राओं के हाथों में नई साइकिल आई, उनके चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। स्कूल तक पैदल आने-जाने की परेशानी अब दूर होगी, इस उम्मीद से छात्राएं फूली नहीं समा रही थीं। अभिभावकों की आंखें भी नम हो गईं। उन्होंने इस योजना को “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” की दिशा में सबसे बड़ा कदम बताया।साइकिल मिली, हौसले बढ़ेविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को जैसे ही साइकिल की चाबी सौंपी गई, पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा। कई छात्राओं ने पहली बार साइकिल चलाकर अपनी खुशी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात और गर्मी में 3-4 किलोमीटर दूर स्कूल जाना मुश्किल होता था। अब सरस्वती साइकिल योजना से बेटियों की शिक्षा का रास्ता आसान हो गया है।जनप्रतिनिधि और शिक्षक रहे मौजूदकार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य सतकली बावरे और जनपद सदस्य ज्वाला बंजारे उपस्थित रहीं। साथ ही ग्राम पंचायत बूढ़ीखार के सरपंच दीपक लहरे,विद्यालय के प्राचार्य काशीराम रजक, पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक,शाला विकास समिति अध्यक्ष मिथिला, उपाध्यक्ष उर्मिला, सदस्य राजेंद्र कुमार साहू, सत्या थवाईत सहित समिति के समस्त पदाधिकारी,सदस्यगण एवं विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे।”नियमित स्कूल आएं और नाम रोशन करें” अतिथिअतिथियों ने छात्राओं को साइकिल सौंपते हुए प्रेरित किया कि वे नियमित विद्यालय आएं, मेहनत से पढ़ें और क्षेत्र का नाम रोशन करें। जिला पंचायत सदस्य सतकली बावरे ने कहा,”सरस्वती साइकिल योजना ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है। इससे न सिर्फ स्कूल की दूरी कम हुई है, बल्कि बालिका शिक्षा को भी बढ़ावा मिला है।” जनपद सदस्य ज्वाला बंजारे ने कहा कि इस योजना से अभिभावकों का आर्थिक बोझ कम हुआ है और अब बेटियां बिना रुके अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी।कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साइकिल पाकर छात्राओं की आंखों में जो चमक थी, उसने पूरे समारोह को यादगार बना दिया।