
छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर: नदी-नाले उफान पर, 19 गांवों का संपर्क टूटा, 200 मिमी तक बारिश
बिलासपुर-मस्तूरी हाईवे 5 घंटे जाम, बस्तर में 94 साल का रिकॉर्ड टूटा, खुड़िया बांध ओवरफ्लो, प्रशासन अलर्ट
रायपुर/बिलासपुर। 18 जुलाई 2026 मानसून ने छत्तीसगढ़ में रफ्तार पकड़ ली है। लगातार 24 घंटे से हो रही मूसलधार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। सड़कें डूबी हैं, बांधों के गेट खोले गए हैं और कई जगह जनजीवन ठप पड़ गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक बिलासपुर और सरगुजा संभाग में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिलेवार स्थितियां बिलासपुर-मस्तूरी: हाईवे बंद, 40 घर जलमग्न मस्तूरी-बिलासपुर नेशनल हाईवे के तिरंगा चौक पर कमर तक पानी भर जाने से सुबह से शाम 5 बजे तक ट्रैफिक पूरी तरह रुका रहा। हजारों यात्री परेशान हुए। लीलागर नदी के उफान से जांजगीर का संपर्क टूटा। विद्याडीह, केंवटाडीह, टांगर, भरारी, भूतहा,बोहाडीह गांवों में 3 से 4 फीट पानी भर गया। बोहाडीह, केंवटाडीह, भूतहा, विद्या डीह टांगर,भरारी,सोन समेत 5 गांवों के करीब 35-40 घरों में पानी घुस गया। मस्तूरी के रिस्दा गांव में 25 लोग बाढ़ में फंस गए थे। SDRF, पुलिस और राजस्व टीम ने रेस्क्यू कर सभी को सुरक्षित निकाला। मस्तूरी जनपद पंचायत कार्यालय में भी पानी भर गया, जिससे जरूरी फाइलें और कंप्यूटर भीग गए। बस्तर संभाग: 94 साल का रिकॉर्ड टूटा*बस्तर में बीते 94 वर्षों का वर्षा रिकॉर्ड टूट गया है।प्रभावित जिले जगदलपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा 43 राहत शिविर बनाए गए, जिनमें 2196 बाढ़ पीड़ितों को शरण दी गई है।दंतेवाड़ा धर्मनगरी, बारसूर, गीदम, कुआकोंडा, किरंदुल में नदी-नाले उफान पर। बारसूर-गीदम मार्ग पर गणेश नाला पार करते समय एक ग्रामीण फंस गया।नुकसान अब तक 5 लोगों की मौत, 17 पशुओं की हानि, 165 मकान आंशिक और 86 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त। सरगुजा-उत्तरी छत्तीसगढ़ डैम के गेट खुले घुनघुट्टा डैम 13 साल बाद सभी 8 गेट खोले गए। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा। सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर-रामानुजगंज में 200 मिमी, सूरजपुर 129.2 मिमी, कोरिया 92.2 मिमी दर्ज की गई। कोरजा नदी धरमजयगढ़ के खम्हार गांव के पास पुल डगमगाया, यातायात बंद। कबीरधाम-पंडरिया गांवों का संपर्क टूटा आगर नदी पंडरिया ब्लॉक में रपटे के ऊपर से पानी बह रहा है। पुटपुटा, सेंदूरखार, छींदीडीह, ढोलढोली गांवों का संपर्क प्रभावित। कन्हैया नदी बाढ़ के कारण 3-4 गांवों तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को नदी 6 बार पार करनी पड़ रही है। खुड़िया बांध: 19 गांव अलग-थलग मनियारी नदी पर बना राजीव गांधी जलाशय (खुड़िया बांध) 101% भर गया। वेस्टवेयर से 2.5 फीट पानी छोड़ा जा रहा है। कारीडोंगरी पुलिया पर डेढ़ फीट पानी बहने से वन क्षेत्र के 19 गांवों का सड़क संपर्क टूट गया। SDM ने बैरिकेड्स लगवाकर मार्ग बंद कराया। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी छत्तीसगढ़ में चक्रवाती परिसंचरण और मानसून द्रोणिका सक्रिय है। इसी कारण नमी आ रही है। अलर्ट वाले जिले सुकमा, बीजापुर, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, कोरबा, बिलासपुर।28 जुलाई के बाद बारिश में कमी आने की संभावना है। प्रशासन की अपील*कलेक्टरों ने लोगों से नदी-नालों के पास न जाने, अनावश्यक यात्रा न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। SDRF और नगर सेना की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं।