15 दिन का अल्टीमेटम मांगे नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे

15 दिन का अल्टीमेटम मांगे नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे
बिलासपुर में पटवारियों का धरना, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
वेतन विसंगति और पदोन्नति में भेदभाव से नाराज पटवारी संघ, आरआई की सीधी भर्ती बंद करने की मांग
बिलासपुर। अपनी लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ ने सोमवार को प्रदेशभर में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। बिलासपुर जिला इकाई के पटवारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 15 दिन के भीतर मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।संघ का कहना है कि शासन द्वारा अब तक उनकी जायज मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। यदि 15 दिनों में सकारात्मक पहल नहीं हुई तो इसका सीधा असर राजस्व व्यवस्था पर पड़ेगा। नामांतरण, सीमांकन, ऋण पुस्तिका और अन्य पटवारी संबंधी काम ठप होने से किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।पदोन्नति में अंधकार, वेतन में भेदभावधरने का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष विजय भारत साहू ने कहा कि पटवारी संवर्ग सबसे निचले स्तर पर रहकर शासन की सभी योजनाओं को धरातल पर उतारता है, लेकिन उसके साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। उन्होंने बताया कि पटवारियों की पदोन्नति के लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है। नतीजन कई पटवारी पूरी 35-40 साल की नौकरी इसी पद पर गुजारकर रिटायर हो जा रहे हैं। इससे युवा कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है।वेतन निर्धारण में भी भारी विसंगति है। 2010 बैच के पटवारियों के ग्रेड पे 2200 से 2400 होने पर वेतन 36200 तय हुआ, जबकि 2800 ग्रेड पे वाले कुछ पटवारियों का वेतन केवल 35300 ही रखा गया है। एक ही पद पर इतना बड़ा अंतर समझ से परे है।ये हैं मुख्य मांगें1. पदोन्नति नीति: पदोन्नति के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय हो। आरआई के सभी पद 100% पदोन्नति से भरे जाएं, सीधी भर्ती बंद हो।2. नया प्रारूप: 50% पद वरिष्ठता और 50% पद विभागीय परीक्षा से भरे जाएं।3. वेतन विसंगति: सभी बैचों के पटवारियों का वेतन निर्धारण समान नियम से हो।4. लंबित प्रक्रियाएं: वर्षों से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।पटवारियों ने साफ कहा कि अब आर-पार की लड़ाई होगी। सरकार यदि गंभीरता नहीं दिखाएगी तो पूरा राजस्व अमला हड़ताल पर चला जाएगा।