बार-बार मांग के बावजूद सरकार नहीं कर रही सुनवाई, हर बारिश में तालाब बन जाता है जनपद पंचायत कार्यालय

बार-बार मांग के बावजूद सरकार नहीं कर रही सुनवाई, हर बारिश में तालाब बन जाता है जनपद पंचायत कार्यालय
जनप्रतिनिधि और कर्मचारी बोले – “शिकायत करके थक गए, कोई देखने तक नहीं आता, दस्तावेज खराब होने का खतरा

बिलासपुर। मस्तूरी जनपद पंचायत कार्यालय में जलभराव कोई नई बात नहीं है। हर साल बारिश में यही हाल होता है, लेकिन बार-बार मांग और शिकायत के बावजूद शासन-प्रशासन आंख बंद किए बैठा है।स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों का कहना है कि जनपद अध्यक्ष द्वारा इस समस्या को लेकर कई बार केंद्रीय मंत्री, जिला प्रभारी मंत्री, जिला सीईओ और कलेक्टर को लिखित में अवगत कराया जा चुका है, बावजूद इसके आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। बरसात आते ही हमारा कार्यालय टापू बन जाता है। गाड़ियां फंस जाती हैं, फाइलें भीगने का डर रहता है। ग्रामीण जो काम के लिए आते हैं, उन्हें घुटने भर पानी में आना पड़ता है।इस बार के जलभराव का विरोध खुद जनपद अध्यक्ष सरस्वती सोनवानी ने घुटने भर पानी में खड़ी होकर किया और कार्यालय की बदहाली बयां की।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की एक ही मांग है कि मस्तूरी जनपद पंचायत के लिए नवीन भवन का निर्माण किया जाए, ताकि इस समस्या से स्थायी रूप से निजात मिल सके।अगर इस बार भी सुनवाई नहीं हुई तो जनप्रतिनिधियों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।