थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के जीवन-संरक्षण हेतु रक्तदान शिविर संपन्न, रक्तवीरों का हुआ सम्मान

थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के जीवन-संरक्षण हेतु रक्तदान शिविर संपन्न, रक्तवीरों का हुआ सम्मान
खैरा-जयरामनगर में जय श्री राम समिति की पहल: रक्तदान को जनसेवा और मानवीय उत्तरदायित्व का लिया संकल्प
मस्तूरी | थैलेसीमिया मेजर से जूझ रहे नन्हे-मुन्ने बच्चों के जीवन-संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जय श्री राम समिति, खैरा-जयरामनगर के तत्वावधान में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का गरिमामय एवं सफल आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सामाजिक सहभागिता, मानवीय संवेदना तथा परोपकार की त्रिवेणी का अद्भुत समागम देखने को मिला।रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए यह संदेश दिया कि रक्तदान महज एक चिकित्सकीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसी अज्ञात जीवन के लिए आशा का संचार और किसी परिवार के लिए जीवन-आधार प्रदान करने वाला पुण्योपक्रम है।अतिथियों ने बढ़ाया उत्साहकार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे यातायात विभाग रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि एसडीओपी सुदीप सरकार, मस्तूरी थाना प्रभारी जगत एवं पुलिस विभाग के अन्य आरक्षकगण उपस्थित रहे। अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की सार्थकता एवं सामाजिक महत्ता को और अधिक प्रतिष्ठित किया।कार्यक्रम में सभापति चंद्र प्रकाश सूर्यवंशी, जिला पंचायत सदस्य दामोदर कांत, अघरिया समाज के अध्यक्ष कुशल प्रसाद पटेल, सचिव कैलाश पटेल, हिरेंद्र पटेल, श्यामलाल पटेल, हिराराम पटेल सहित अघरिया समाज के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में युवा साथी उपस्थित रहे। जय राम क्रिकेट समिति, खैरा-जयरामनगर के सदस्यों ने भी आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाई।रक्तवीर सम्मान समारोह, हेलमेट और पौधों का वितरणकार्यक्रम के दौरान अतिथियों एवं आयोजकों द्वारा रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें रक्तदान के महत्व से अवगत कराया गया। विशेष रूप से थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रक्त की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए समाज के सक्षम नागरिकों से समय-समय पर रक्तदान करने का आह्वान किया गया।इस अवसर पर रक्त वीर सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें रक्तदाताओं को सम्मानित कर उनके निःस्वार्थ सेवाभाव का अभिनंदन किया गया। सम्मानस्वरूप हेलमेट एवं पौधों का वितरण कर रक्तदान के साथ-साथ सड़क-सुरक्षा एवं पर्यावरण-संरक्षण का भी अभिनव संदेश दिया गया।वक्ताओं ने कहा > _”रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और रक्तदान ही किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। विशेषकर थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रक्ताधान जीवन-यात्रा का अनिवार्य आधार है। ऐसे में समाज के प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को रक्तदान को अपने सामाजिक दायित्व के रूप में स्वीकार करना चाहिए।”_कार्यक्रम ने यह प्रतिपादित किया कि मानवता की वास्तविक प्रतिष्ठा सेवा, संवेदना और परोपकार में निहित है।अंत में आयोजकों ने सभी रक्तदाताओं, अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक पदाधिकारियों, पुलिस विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा युवा साथियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनोपयोगी एवं जीवनदायी अभियानों को भविष्य में भी निरंतर गति प्रदान की जाएगी। रक्त की प्रत्येक बूंद किसी के लिए जीवन की नई सुबह है; अतः रक्तदान करें, जीवन बचाएँ और मानवता की इस महान परंपरा को सुदृढ़ बनाएँ।