संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग का संभाला पदभार

संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग का संभाला पदभार
बिलासपुर। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी कार्यकुशलता, नवाचार और प्रशासनिक दक्षता के लिए पहचान बना चुके अश्वनी भारद्वाज ने संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा विभाग बिलासपुर के पद का विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार ग्रहण करने से शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में नई ऊर्जा और सकारात्मक उम्मीद का माहौल है।अश्वनी भारद्वाज इससे पूर्व मस्तूरी में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके बाद उन्होंने जांजगीर-चांपा जिले में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के रूप में भी उल्लेखनीय कार्य करते हुए शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, विद्यालयों की गुणवत्ता बढ़ाने, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार तथा शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके नेतृत्व में कई नवाचारों और जनसहभागिता आधारित प्रयासों की सराहना हुई।शिक्षा विभाग में लंबे अनुभव, ईमानदार कार्यशैली और बेहतर प्रशासनिक क्षमता के कारण उन्हें पदोन्नति देते हुए बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण दायित्व की जिम्मेदारी सौंपी गई है।पदभार ग्रहण करने के बाद अश्वनी भारद्वाज ने कहा,”यह दायित्व मेरे लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। शासन की शिक्षा संबंधी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना मेरी प्राथमिकता रहेगी। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने, शिक्षकों के साथ समन्वय स्थापित करने तथा विद्यालयों में गुणवत्ता आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य किया जाएगा। शिक्षा व्यवस्था में नवाचार, अनुशासन और सतत सुधार हमारी कार्यशैली का प्रमुख आधार होगा।”उन्होंने यह भी कहा कि सभी अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के सहयोग से बिलासपुर संभाग में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।अश्वनी भारद्वाज के पदभार ग्रहण करने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों तथा शुभचिंतकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि उनके नेतृत्व में बिलासपुर संभाग की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण बनेगी।