मांदर की थाप पर झूमे आदिवासी, विधायक दिलीप लहरिया बोले आदिवासी संस्कृति ही भारत की आत्मा है

मांदर की थाप पर झूमे आदिवासी, विधायक दिलीप लहरिया बोले आदिवासी संस्कृति ही भारत की आत्मा है
पहली बार भव्यता से मना विश्व आदिवासी दिवस, पारंपरिक वेशभूषा में निकली शोभायात्रा
मस्तूरी। नगर पंचायत मल्हार में पहली बार विश्व आदिवासी दिवस समारोह भव्य रूप से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बुढ़ादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना और शोभायात्रा के साथ हुई। पारंपरिक वाद्य यंत्र मांदर की थाप पर पूरा नगर आदिमय हो गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया उपस्थित रहे। अध्यक्षता अखिल मैना समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष राजाराम राजभानू ने की। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष धनेश्वरी धनेश्वर कैवर्त, जिला पंचायत सदस्य सतकली बावरे, जनपद सदस्य ज्वाला बंजारे सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी मंचासीन रहे।मुख्य अतिथि विधायक दिलीप लहरिया नेविश्व आदिवासी दिवस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी जड़ों से जुड़ने का दिन है। आदिवासी संस्कृति ही भारत की आत्मा है। बुढ़ादेव की कृपा से मल्हार की धरती हमेशा से गौरवशाली रही है। हमारी सरकार आदिवासी समाज के विकास, शिक्षा और उनके अधिकारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मल्हार में पहली बार हुए इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि समाज एकजुट है।अध्यक्ष राजाराम राजभानू ने कहा आज का दिन हमारे अस्तित्व और पहचान का दिन है। हमने अपनी भाषा, अपना मांदर और अपनी वेशभूषा को बचाकर रखा है, यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। मैं युवाओं से आह्वान करता हूं कि वे नशे से दूर रहकर अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाएं और शिक्षा के क्षेत्र में आगे आएं। हमारी एकता ही हमारी पहचान है।अतिथियों ने कहा नगर पंचायत अध्यक्ष धनेश्वरी कैवर्त ने कहा कि नगर पंचायत मल्हार में आदिवासी समाज के सहयोग से ही विकास हो रहा है और आगे भी ऐसे आयोजनों को पूरा सहयोग दिया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य सतकली बावरे ने कहा कि महिलाओं को अपनी संस्कृति को सहेजते हुए स्वावलंबी बनना होगा। वहीं जनपद सदस्य ज्वाला बंजारे ने समाज की एकजुटता को जरूरी बताया।अंत में आयोजक समिति ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।