निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल, मजदूरों की सुरक्षा की जांच जरूरी

निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल, मजदूरों की सुरक्षा की जांच जरूरी
लेबर दलाल सक्रिय, मजदूरों का पलायन तेज
बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र से ग्रामीणों के दूसरे राज्यों में पलायन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र में लेबर सरदार कुकुरमुत्ते की तरह सक्रिय हो गए हैं। इनके माध्यम से ग्रामीणों को बसों में भरकर महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा है। इनमें से अधिकांश श्रमिक 5 से 6 महीने तक बाहर रहकर काम करते हैं।इस अंधाधुंध पलायन के बीच कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मजदूरों को ले जाने वाले ठेकेदार कौन हैं? उनकी मजदूरी की शर्तें क्या हैं? और सबसे बड़ा सवाल – बाहर गए मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?सूत्रों के अनुसार पलायन करने वाले अधिकांश मजदूरों का विवरण न तो श्रम विभाग के पास है और न ही पुलिस के पास। ऐसे में यदि बाहर कोई हादसा होता है तो उसकी जानकारी तक प्रशासन को नहीं मिल पाती।स्थानीय लोगों ने लेबर सरदारों और कुछ पुलिसकर्मियों के बीच कथित मिलीभगत का भी आरोप लगाया है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि श्रम विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से मजदूरों के पलायन, उनके रोजगार की शर्तों और सुरक्षा व्यवस्था की जांच करे। साथ ही गांव में ही रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं, ताकि ग्रामीणों को मजबूरी में दूसरे राज्यों में न भटकना पड़े।