राज्य स्थापना दिवस पर भव्य सम्मान समारोह, कलाकारों और साहित्यकारों का हुआ सम्मान

राज्य स्थापना दिवस पर भव्य सम्मान समारोह, कलाकारों और साहित्यकारों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मस्तूरी के लोकप्रिय विधायक दिलीप लहरिया
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस का पर्व मस्तूरी में कला, संस्कृति और साहित्य के रंगों के साथ मनाया गया। छत्तीसगढ़ मस्तुरिहा कलाकार मंच द्वारा सत्कार भवन मस्तूरी में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक कार्य, गायन, वादन, कला एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।समारोह का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना, स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करना और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मान देकर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाना रहा।कार्यक्रम में वक्ताओं ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और लोककला के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही कलाकारों एवं साहित्यकारों के योगदान को रेखांकित किया। सम्मान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहकर समाज और संस्कृति को समृद्ध बनाने का संकल्प व्यक्त किया।*देर रात तक चला सांस्कृतिक कार्यक्रम*कार्यक्रम में स्थानीय तथा क्षेत्र के कलाकारों ने देर रात तक अपनी-अपनी कला का भावपूर्ण प्रदर्शन किया। गीत, संगीत और कविता की प्रस्तुतियों से पूरा माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा। उपस्थित लोगों ने सम्मानित प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करते हुए आयोजन की जमकर सराहना की।*मुख्य अतिथि रहे विधायक दिलीप लहरिया*कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मस्तूरी के लोकप्रिय विधायक दिलीप लहरिया थे।अन्य अतिथियों में प्रसिद्ध गायक वीरेंद्र चतुर्वेदी, दुष्यंत खूंटे, संस्थापक देव सिंह बंजारे, वरिष्ठ कवि दशरथ मतवाले, मनीषा पात्रे, भरत गुप्ता, भरत कुर्रे सहित भारी संख्या में ग्रामीण और कला प्रेमी उपस्थित थे।*इन प्रतिभाओं को किया गया सम्मानित*- दिनेश भारती, विजय भास्कर, सरवन कोशले- देव सिंह बंजारे, विवेक मुश्रान, पंचराम सोनी- दुष्यंत खूंटे, विनोद बघेल, तीज राम बघेल- अनिल कुमार भारती, दशरथ मतवाले, बेद बाई बंजारे- रामपाल मधुकर, विक्की चतुर्वेदी, धनेश घृतलहरे (JC स्टूडियो साजा)- ब्यास डहरिया, एल. डी. पाटले, उदय भार्गव- उमेंद भार्गव, मानसी, सत्यप्रकाश कुर्रे- ईश्वर बघेल, ललिता सोनवानी, रामविलास खूंटे, संगीता बंजारेछत्तीसगढ़ मस्तुरिहा कलाकार मंच की इस पहल को स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास माना गया। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस समारोह ने सामाजिक समरसता, कला और साहित्य के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।