क्या सिर्फ चेहरा बदलने से सुधरेगी कानून व्यवस्था? ढाबों में अवैध शराब बिक्री और पुलिस संरक्षण के सवाल बरकरार

क्या सिर्फ चेहरा बदलने से सुधरेगी कानून व्यवस्था? ढाबों में अवैध शराब बिक्री और पुलिस संरक्षण के सवाल बरकरार
शिव सहिस की मौत के बाद चांपा थाने में बड़ी कार्रवाई, TI अशोक वैष्णव और ASI बाबूलाल दिवाकर लाइन अटैच, आरक्षक निलंबित
जांजगीर-चांपा। चांपा थाना में शिव सहिस की मौत के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक वैष्णव और एएसआई बाबूलाल दिवाकर को रिजर्व सेंटर जांजगीर अटैच कर दिया है, जबकि एक आरक्षक को निलंबित किया गया है।पुलिस प्रशासन ने नए पदस्थापना आदेश भी जारी किए हैं। निरीक्षक कमलेश शेंडे को चांपा का नया थाना प्रभारी बनाया गया है, वहीं यातायात शाखा के निरीक्षक प्रमोद कश्यप को सारागांव थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।लेकिन कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है – क्या सिर्फ एक आरक्षक के निलंबन और दो अधिकारियों को लाइन अटैच करने से चांपा थाना की कानून व्यवस्था सुधर जाएगी?शिव सहिस की मौत किन परिस्थितियों में हुई? घटना के दौरान थाने में क्या हुआ? कौन-कौन पुलिसकर्मी मौजूद थे? क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई? इन सवालों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ही जनता के भरोसे को लौटा सकती है।स्थानीय स्तर पर चांपा थाना क्षेत्र में ढाबों में खुलेआम अवैध शराब बिक्री, अवैध गतिविधियों और पुलिस की कथित दबंगई व संरक्षण को लेकर लंबे समय से चर्चाएं हैं। यदि अवैध शराब बिक्री की शिकायतें लगातार आ रही थीं तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यदि जानकारी थी तो चुप्पी क्यों? और यदि जानकारी नहीं थी तो बीट व्यवस्था और निगरानी पर सवाल क्यों न उठे?अब नए थाना प्रभारी कमलेश शेंडे के सामने जमीन पर बदलाव दिखाने की बड़ी चुनौती है। जनता सिर्फ अधिकारियों के चेहरे बदलते नहीं, बल्कि सिस्टम में सुधार देखना चाहती है।सवाल सिर्फ एक कार्रवाई का नहीं, बल्कि शिव सहिस की मौत के सच का है। क्या सच सामने आएगा या मामला कुछ दिन बाद दूसरी खबरों के बीच दब जाएगा, यह देखना होगा।
