जिम्मेदारियां बढ़ीं, अनुभव बढ़ा, उम्र ढली, पर पद नहीं बदला जिला अध्यक्ष विजय भरत साहू

जिम्मेदारियां बढ़ीं, अनुभव बढ़ा, उम्र ढली, पर पद नहीं बदला जिला अध्यक्ष विजय भरत साहू
पटवारी की गाथा: 38 साल की सेवा, फिर भी पहचान वही पटवारी
बिलासपुर। पटवारी जिला अध्यक्ष विजय भरत साहू ने बताया कि पटवारी शासन और जनता के बीच की सबसे मजबूत कड़ी है। किसानों की जमीन का रिकॉर्ड हो, नामांतरण, सीमांकन, गिरदावरी या आपदा में नुकसान का आकलन, हर काम में पटवारी की भूमिका अहम रहती है। धूप हो या बारिश, दूरस्थ गांवों में भी वह कर्तव्य निभाता है।इसके बावजूद कई पटवारियों को पूरी सेवा एक ही पद पर बितानी पड़ती है। एक ओर अन्य विभागों में चतुर्थ श्रेणी से अधीक्षक और नायब तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर तक पदोन्नति के अवसर मिलते हैं, वहीं पटवारी संवर्ग में पदोन्नति के अवसर सीमित हैं।सबसे अधिक पीड़ा तब होती है जब वर्षों की सेवा के बाद भी समाज सवाल करता है कि तुम आज भी पटवारी ही हो। पटवारियों की मांग दया नहीं, न्यायपूर्ण अवसर की है – वरिष्ठता और योग्यता आधारित स्पष्ट पदोन्नति नीति, विभागीय परीक्षा के माध्यम से उच्च राजस्व पदों पर अवसर, समयबद्ध वित्तीय उन्नयन और अनुभव का सम्मान।