शादी से पहले उजड़ा घर

मस्तूरी में भीषण आगजनी: 11 केवी तार में शॉर्ट सर्किट से ‘नौ खोलिया’ कॉलोनी खाक, कई परिवार बेघर

बिलासपुर। मस्तूरी मुख्यालय में शुक्रवार रात करीब 8 बजे हुई भीषण आगजनी की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस्ती के ऊपर से गुजर रहे 11 केवी बिजली तार में शॉर्ट सर्किट होने से चोलाराम यादव की नौ खोलिया कॉलोनी में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी कॉलोनी को अपनी चपेट में ले लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही देर में घरों में रखा सामान, कपड़े, नगदी और जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गए। कॉलोनी में रहने वाले अधिकांश परिवार मजदूरी कर अपना जीवनयापन करते हैं, जिनकी हालत इस घटना के बाद बेहद दयनीय हो गई है।
दमकल की देरी से बढ़ा नुकसान
घटना की सूचना मिलते ही दो दमकल वाहन मौके के लिए रवाना हुए—एक नगर निगम बिलासपुर से और दूसरा जांजगीर जिले के वर्धा पावर प्लांट से। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल करीब एक घंटे की देरी से पहुंची, तब तक आग पूरी तरह सब कुछ राख कर चुकी थी। देरी को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया।
8 साल के मासूम की सूझबूझ बनी मददगार
इस भयावह घटना के बीच 8 वर्षीय मयंक कुशवाहा ने साहस और समझदारी का परिचय दिया। वह दौड़ते हुए मस्तूरी थाने पहुंचा और पुलिस को आग लगने की सूचना दी। उसकी इस बहादुरी की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है, क्योंकि उस समय बड़े लोग आग से सामान बचाने में जुटे हुए थे।
प्रशासन ने संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार शिल्पा भगत, अतिरिक्त तहसीलदार चांदनी धुर्व, पटवारी और राजस्व अमला मौके पर पहुंचा। पीड़ित परिवारों के लिए पास के एक स्कूल को तत्काल खुलवाकर रहने और भोजन की व्यवस्था कराई गई। वहीं मस्तूरी थाना प्रभारी और पुलिस टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।
जनप्रतिनिधि भी आए आगे
जनपद सदस्य देवेंद्र कृष्णन, सरपंच विनोद सारथी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों में सहयोग किया। उन्होंने पीड़ितों के लिए भोजन, अस्थायी आवास और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाई।
शादी से पहले उजड़ा घर
घटना में सबसे मार्मिक पहलू मनबोधी साहू का रहा, जो अपनी बेटी की शादी की तैयारी में जुटे थे। उनके घर में रखा पूरा दहेज का सामान जलकर राख हो गया। बताया जा रहा है कि अगले ही दिन बारात आने वाली थी, लेकिन इस हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
तहसीलदार शिल्पा भगत ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए बेटी की शादी में हरसंभव प्रशासनिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
जांच और मुआवजे की मांग
प्रशासन द्वारा आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा और पुनर्वास की मांग की है।यह हादसा न सिर्फ कई परिवारों की छत छीन गया, बल्कि उनकी वर्षों की जमा पूंजी भी राख में बदल गई। अब सभी की निगाहें प्रशासन की राहत और पुनर्वास कार्रवाई पर टिकी हैं।