स्व-सहायता समूहों को आर्थिक स्वावलंबन की सौगात

स्व-सहायता समूहों को आर्थिक स्वावलंबन की सौगात

बिहान योजना अंतर्गत महिला समूहों को लाखों रुपये की ऋण सहायता प्रदान

बिलासपुर । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के तहत ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 13 मई 2026 को ग्राम पंधी में आयोजित “सुशासन तिहार” कार्यक्रम में जनपद पंचायत मस्तूरी के अंतर्गत विभिन्न महिला स्व-सहायता समूहों को बैंक क्रेडिट लिंकेज योजना के तहत ऋण राशि वितरित कर स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन हेतु प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, जनपद पंचायत मस्तूरी के अधिकारी-कर्मचारी, बिहान मिशन के कैडर तथा विभिन्न महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं उपस्थित रहीं।

ऋण वितरण का विवरण:
- आकाश महिला स्व-सहायता समूह, एरमसाही – केनरा बैंक एरमसाही से 6 लाख रुपये
- प्रतीक्षा महिला स्व-सहायता समूह, रांक – युको बैंक गतौरा से 3 लाख रुपये
- गगन महिला स्व-सहायता समूह, देवरी – 3 लाख रुपये
- काव्या महिला स्व-सहायता समूह, दर्राभाठा – पंजाब एंड सिंध बैंक दर्राभाठा से 1.50 लाख रुपये
- एकता महिला खुशी समूह, पंधी – केनरा बैंक सीपत से 1.50 लाख रुपये
- एकता महिला मुस्कान समूह, पंधी – केनरा बैंक सीपत से 1.50 लाख रुपये

ऋण सहायता मिलने पर समूह की महिलाओं ने शासन एवं बिहान मिशन का आभार जताया। महिलाओं ने बताया कि वे ऋण राशि का उपयोग स्वरोजगार, कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, लघु उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई, किराना व्यवसाय तथा अन्य आयवर्धक कार्यों में करेंगी, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

वक्ताओं ने कहा कि बिहान मिशन के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता के साथ प्रशिक्षण, विपणन, नेतृत्व क्षमता विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण का अवसर भी मिल रहा है। आज ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनकर समाज में नई पहचान बना रही हैं।

जन समस्या निवारण शिविर: 676 आवेदन प्राप्त, 308 का निराकरण

विकासखंड स्तरीय “सुशासन तिहार वर्ष 2026 (जन समस्या निवारण शिविर)” में विभागवार कुल 676 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 656 मांग तथा 20 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल थे। इनमें से 308 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया, जबकि 368 आवेदन लंबित हैं।

विभागवार आंकड़े:
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग: 472 आवेदन, 244 निराकृत, 229 लंबित
- राजस्व विभाग: 67 आवेदन, 5 निराकृत, 62 लंबित
- प्रधानमंत्री आवास योजना: 54 आवेदन, 29 निराकृत, 25 लंबित
- मनरेगा: 37 आवेदन, 16 निराकृत, 21 लंबित
- स्वास्थ्य विभाग: 4 आवेदन, 1 निराकृत, 3 लंबित
- खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग: 3 आवेदन, सभी निराकृत
- जल संसाधन विभाग: 4 आवेदन, 3 निराकृत, 1 लंबित
- छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल: 17 आवेदन, सभी 17 लंबित
- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग: 5 आवेदन, सभी निराकृत
- वन विभाग: 3 आवेदन, 1 निराकृत, 2 लंबित
सहकारिता, श्रम, महिला एवं बाल विकास, पशु चिकित्सा, पुलिस तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित अन्य विभागों में भी आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निराकरण की प्रक्रिया जारी है।

कार्यक्रम में महिलाओं को समूह संचालन, वित्तीय अनुशासन, बचत की महत्ता एवं स्वरोजगार संबंधी विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। जनपद अधिकारियों ने बताया कि आगामी समय में अधिक से अधिक महिला समूहों को बैंक क्रेडिट लिंकेज से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।

इस अवसर पर मस्तूरी जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बाई सोनवानी, अजा. प्रदेश महामंत्री चंद्रप्रकाश सूर्या, भाजपा जयरामनगर-गतौरा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र पटेल, पूर्व सीपत मंडल अध्यक्ष राज्यवर्धन कौशिक, पूर्व भाजयुमो जयरामनगर-गतौरा मंडल अध्यक्ष भास्कर पटेल, तुषार चंद्राकर, जनपद सदस्य रेवा शंकर साहू, देवेश शर्मा, गतौरा सरपंच प्रतिनिधि नरेंद्र वस्त्रकार, महामंत्री राधेश्याम तिवारी, जिला मंत्री प्रवण शर्मा, आशीष बाकरे, यदु साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं मस्तूरी एसडीएम शिवकुमार कंवर, सीपत तहसीलदार श्रीमती गरिमा सिंह, जनपद सीईओ जे.आर. भगत, बीएमओ अनिल कुमार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी शिवराम टंडन, कार्यक्रम अधिकारी रुचि विश्वकर्मा, प्रभारी विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक (बिहान) श्रीमती स्वर्णलता लकड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में हितग्राही, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं एवं आमजन उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुए। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
