
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ, आदिवासी अंचलों तक पहुँचेगी डोर-स्टेप स्वास्थ्य सेवा

रायपुर | 31 दिसंबर 2025
प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 57 अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMUs) का राज्य-स्तरीय भव्य शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में इन मोबाइल यूनिट्स को हरी झंडी दिखाकर 18 आदिवासी बहुल जिलों के लिए रवाना किया।
यह परियोजना छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से संवेदनशील जनजातीय समूह (PVTG) बहुल, दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। परियोजना का संचालन धनुष हेल्थकेयर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जो तकनीक आधारित और परिणामोन्मुख स्वास्थ्य सेवा मॉडल के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री बोले — यह केवल वाहन नहीं, सेवा का संकल्प है
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक दिन है। वर्षों से जिन आदिवासी अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएँ नहीं पहुँच पा रही थीं, अब सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुँच रही है। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स सेवा, संवेदनशीलता और समावेशी विकास का प्रतीक हैं।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्रीगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
18 जिलों में मिलेगी सुविधा
मोबाइल मेडिकल यूनिट्स कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, मुंगेली, रायगढ़, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बलौदा बाजार, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलरामपुर, जशपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर एवं सरगुजा जिलों में सेवाएँ देंगी।
क्या-क्या सुविधाएँ मिलेंगी
इन यूनिट्स में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन की टीम के साथ मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, एनीमिया, मधुमेह व बीपी की जाँच, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ, टीकाकरण, निःशुल्क दवाइयाँ तथा टेलीमेडिसिन के माध्यम से विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा होगी। साथ ही आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड भी बनाए जाएंगे।
18 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
इस योजना से प्रतिदिन लगभग 5 हजार मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएँ मिलेंगी और सालाना 18 लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित होंगे। इससे आदिवासी अंचलों में मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी, गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और इलाज संभव हो सकेगा।