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दीदी के गोठ वार्षिकोत्सव में महिलाओं की सफलता की कहानियां बनीं प्रेरणा, उत्कृष्ट दीदियों का हुआ सम्मान

दीदी के गोठ वार्षिकोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वर्चुअल जुड़े, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को किया संबोधित

बिहान की दीदियां आत्मनिर्भर भारत की मजबूत आधारशिला हैं धर्मजीत सिंह

दीदी के गोठ वार्षिकोत्सव में महिलाओं की सफलता की कहानियां बनीं प्रेरणा, उत्कृष्ट दीदियों का हुआ सम्मान

बिलासपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत “दीदी के गोठ” वार्षिकोत्सव का आयोजन आज यहां कृषि महाविद्यालय के सभागार में किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए महिलाओं से स्वरोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बिलासपुर संभाग के विभिन्न जिलों से लगभग 500 स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया।मुख्य अतिथि विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब देश की आधी आबादी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेगी। महिलाओं को अपने उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और कम लागत पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि उनके उत्पाद राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने आधुनिक तकनीक का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। तखतपुर की एक स्व-सहायता समूह की महिला द्वारा तैयार की जा रही आइसक्रीम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार महिलाओं की उद्यमशीलता का उदाहरण हैं, जिन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन पूरा सहयोग करेगा।जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि स्व-सहायता समूह आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। बिहान से जुड़कर महिलाओं ने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि समाज में अपनी अलग पहचान भी बनाई है। उन्होंने कहा कि समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन पर विशेष ध्यान देकर उन्हें बड़े बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने महिलाओं से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हुए अन्य महिलाओं को भी स्वावलंबन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रशिक्षण, ब्रांडिंग, विपणन और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन महिलाओं के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनके उद्यमों को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग करेगा।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप अग्रवाल ने कहा कि बिहान की दीदियां आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। बिलासपुर जिले में बिहान के माध्यम से 73 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना से महिलाओं को जोड़ते हुए सेंटरिंग, छत ढलाई सहित विभिन्न निर्माण कार्यों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी आय में वृद्धि के लिए जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है।कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। समूह की दीदियों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। विभिन्न स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। कई महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानी स्वयं साझा करते हुए बताया कि बिहान से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन आया है और वे आज आत्मनिर्भर बनकर परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष ललिता संतोष कश्यप, जिला पंचायत सभापति डॉ. गोविंद यादव एवं अंबिका साहू, जनपद पंचायत कोटा अध्यक्ष सूरज साधेलाल भारद्वाज, तखतपुर जनपद अध्यक्ष डॉ माधवी वस्त्रकार एवं मस्तूरी जनपद अध्यक्ष सरस्वती सोनवानी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बिलासपुर संभाग के विभिन्न जिलों से आई बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थीं।

Ramgopal Bhargav

मेरा नाम रामगोपाल भार्गव है, मैं (नवा बिहान न्यूज़) पोर्टल का संपादक हूँ। Navabihannews.com एक हिन्दी न्यूज़ पॉर्टल है इस पोर्टल छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश दुनियाँ की खबरों को प्रकाशित किया जाता है।

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