
बिलासपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना विशेष शिविर के अंतर्गत आयोजित बौद्धिक परिचर्चा संगोष्ठी का शुभारंभ वीणापाणि माँ सरस्वती, NSS के प्रतीक पुरुष स्वामी विवेकानंद, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा सत्य-अहिंसा के संदेशदाता संत गुरु घासीदास बाबा जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
यह शिविर कार्यक्रम अधिकारी सुश्री सुनीता कुर्रे के नेतृत्व में आयोजित है।
संगोष्ठी की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसका सुंदर वाचन सुरजा मधुकर द्वारा किया गया।
अतिथियों का स्वागत छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को दर्शाते गमछा, खुमरी, पुष्पगुच्छ एवं NSS बैच प्रदान कर किया गया।
शिविर के पाँचवे दिन शिविर का निरीक्षण करने डॉ. मनोज सिन्हा, कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर प्रकोष्ठ, पधारे। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों की भूमिका व महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी को आशीर्वचन प्रदान किए तथा शिविर में किए जा रहे स्थायी कार्यों का अवलोकन किया।
इसके पश्चात शिविर निरीक्षण हेतु श्रीमती कांति अंचल, जिला संगठक, राष्ट्रीय सेवा योजना, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर प्रकोष्ठ, उपस्थित हुईं। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना तथा NSS के उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली पर उपयोगी जानकारी प्रदान की।
संगोष्ठी में विशेष रूप से उपस्थित सुश्री मोना केंवट, राज्य सर्वश्रेष्ठ कार्यक्रम अधिकारी सम्मान से सम्मानित, कार्यक्रम अधिकारी — राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, पी.एन.एस. महाविद्यालय बिलासपुर, ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति एवं NSS के विशेष पुरस्कारों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा संगोष्ठी ज्ञानवर्धक व प्रेरणादायी रही।