सामाजिक विकास में राष्ट्रीय सेवा योजना का विशेष शिविर का महत्व नीलम सिंह पिस्दा तहसीलदार पचपेड़ी

बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर से संबद्ध संत गुरु घासीदास कला एवं विज्ञान महाविद्यालय,पचपेड़ी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर “नशा मुक्त समाज के लिए युवा” का शुभारंभ 24 नवम्बर 2025 को जनपद शासकीय प्राथमिक शाला मनवा में आयोजित है । शिविर के चतुर्थ दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में नीलम सिंह पिस्दा तहसीलदार पचपेड़ी का स्वयंसेवको ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की छटा खुमरी पहनाकर स्वागत किया। सरस्वती वंदना का वाचन सुरजा मधुकर ने किया बौद्धिक परिचर्चा,संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति और शिक्षा का महत्व विषय पे नीलम सिंह पिस्दा तहसीलदार पचपेड़ी ने प्रतियोगी परीक्षा के महत्व पर जोर दिया, साथ ही सामाजिक और ग्रामीण विकास में शिक्षा की भूमिका को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि- सामाजिक विकास में राष्ट्रीय सेवा योजना का विशेष शिविर का महत्व है।NSS के माध्यम से विद्यार्थी के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है। शिक्षा ही वह आधार है जो समाज को आगे बढ़ने में मदद करती है और युवाओं को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है। सावित्री बंजारे H.M. ने खेल के महत्व पर प्रकाश डाला, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में मदद करता है और उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है ।
NSS का महत्व जसवंत चतुर्वेदी वरिष्ठ स्वयंसेवक, कनिष्ठ अधिवक्ता ने NSS (राष्ट्रीय सेवा योजना) के महत्व को बताया, जो छात्रों को समाज सेवा और नेतृत्व कौशल विकसित करने में मदद करता है। NSS का उद्देश्य छात्रों में सामाजिक कल्याण और सामुदायिक सेवा की भावना को बढ़ावा देना है, जिससे वे समाज के जिम्मेदार नागरिक बन सकें। छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति का महत्व डॉल्टन भारती और रंजना जायसी,भवानी वरिष्ठ स्वयंसेवकों ने छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति के महत्व को बताया,जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति में नृत्य, संगीत, और कला की विविधता है, जो राज्य की पहचान को मजबूत करती है। उन्होंने बताया कि कैसे छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़ने और अपनी संस्कृति को गर्व से अपनाने के लिए प्रेरित करती है। छात्र जीवन और अनुशासन के विषय मेविक्रम सिंह वरिष्ठ स्वयंसेवक ने छात्र जीवन और अनुशासन के महत्व पर जोर दिया, जो छात्रों के भविष्य को आकार देने में मदद करता है। अनुशासन छात्रों को समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण, और जिम्मेदारी की भावना सिखाता है, जिससे वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम हो सकें
मंच संचालन सुनील मनहर और दुर्गा कुर्रे ने किया।
शिविर संचालन में शिविर नायक प्रविन्द्र कुमार जायसवाल, कुणाल पटेल, तथा शिविर नायिका आरती साहू एवं प्रियंका पटेल का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम अधिकारी सुनीता कुर्रे ने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस शिविर में 50 स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई, जिनके द्वारा किया गया परियोजना कार्य अत्यंत सराहनीय रहा।