बिलासपुर की माटी के सपूत ने बढ़ाया हिन्दी का मान — “हिन्दी गौरव सम्मान 2026” से अलंकृत

बिलासपुर। हिन्दी केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय आत्मा की अभिव्यक्ति है—और इसी आत्मा को अपने शब्दों में साकार करने वाले कवि, लेखक व साहित्यकार उमेश कुमार श्रीवास, मु. पो. खैरा जयरामनगर, तहसील मस्तूरी, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) को वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित “हिन्दी गौरव सम्मान” प्रदान कर गौरवान्वित किया गया।
दुबई (यूएई) की धरती पर आयोजित इस भव्य समारोह में, हिन्दी के प्रति उनके अटूट समर्पण, साहित्य साधना और समाज में जागरूकता के लिए किए गए अविस्मरणीय योगदान को सम्मानित किया गया। मुख्य कार्यकारी अधिकारी नेहा शर्मा के करकमलों से जब यह सम्मान प्रदान हुआ, तो वह क्षण न केवल उनके लिए, बल्कि सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ और हिन्दी जगत के लिए गौरव का विषय बन गया। श्रीवास की लेखनी में लोकजीवन की संवेदनाएं, संस्कृति की सुगंध और समाज को दिशा देने वाली चेतना का अद्भुत समावेश है। उनकी रचनाएं न केवल मन को स्पर्श करती हैं, बल्कि विचारों में नवीनता और चेतना का संचार भी करती हैं।
यह सम्मान उनके अथक परिश्रम, सृजनशीलता और हिन्दी के प्रति अनन्य प्रेम का प्रमाण है। साथ ही यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का दीप बनकर सदैव मार्गदर्शन करता रहेगा।