
मानिकचौरी में मना मतिसमृद्धता प्रबोधन सह कवि सम्मेलन
बिलासपुर। मानिकचौरी पचपेड़ी में 4 दिसंबर 2026 रविवार को धीमंत विजय हिरवानी शिक्षक के आयोजन में अपने पुत्र के जन्मोत्सव के अवसर पर मतिसमृद्धता प्रबोधन सह कवि सम्मेलन का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जिसमें मुख्य अतिथि शासकीय महाविद्यालय खरौद के प्राचार्य डॉ. जी. सी. भारद्वाज, अध्यक्षता शासकीय महाविद्यालय डबरा के प्राचार्य डॉ. पी. आर. कठौतिया, विशिष्ट अतिथि प्रदीप कुमार बंजारे, रामेश्वर खटकर, राजमहंत इंदल प्रसाद कोसरिया, ओमप्रकाश राय, तिनाथान बौद्ध रहें। कवियों में जगतारण डहरे, डॉ. गोवर्धन मार्शल, महेतरु मधुकर, श्रीमती मंजूलता मेरसा कृष्णा मानसी, टेकचंद पाण्डल, हरिश पाण्डल, नरेन्द्र डहरिया, संजय हिरवानी, राजकुमार बघेल, संरक्षक प्रोफेसर संजय हिरवानी, टीचर ऑफ थिंकिंग स्कील धीमंत बृहस्पति हिरवानी, श्रीमती सहोदरा मार्शल व महावीर काटेकर आदि उपस्थित रहे। विजय हिरवानी द्वारा परिपाटी में परिवर्तन करते हुए साधारण जन्मोत्सव को वैचारिक मंच प्रदान करने का प्रयास किया। इस मतिसमृद्धता वैचारिक कार्यक्रम में अतिथियों का वैचारिक महापुरुषों के जीवनी संबंधित किताब भेंट कर स्वागत व सम्मान किया गया। अतिथियों व कवियों के द्वारा जागृति व वैचारिक भाषण व काव्यपाठ किया गया जिससे श्रोता व ग्रामीण भाव विभोर हुए। इस कार्यक्रम में कवयित्री व संपादिका श्रीमती मंजूलता मेरसा कृष्णा मानसी द्वारा रचित राष्ट्रीय एवं राजकीय सांझा संग्रह ‘हमारे अग्रदूत बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर’ का विमोचन किया गया। महेतरु मधुकर के तृतीय काव्य संग्रह ‘उम्मीद’ का पधारे अतिथियों को सप्रेम भेंट किया गया। यह गरिमापूर्ण कार्यक्रम व्याख्याता व वीर रस के प्रसिद्ध कवि जगतारण डहरे के सफल मंच संचालन में संपन्न हुआ।